जुझारू और कर्मठ प्रत्याशी से भेंट
मुझे जुझारू कर्मठ और योग्य प्रत्याशी अच्छे लगते हैं । यदि वे चुनाव प्रत्याशी हैं तब तो मुझे वे देवता और महिलायें देवी जैसी दिखती हैं । इधर यूपी और बिहार में चुनाव चल रहा है । चुनाव का मौसम ही दरअसल कर्मठ जुझारू और योग्य लोगों का मौसम है । चुनाव पहले पता ही नहीं चलता कि एक ग्राम पंचायत , विधान सभा क्षेत्र या संसदीय क्षेत्र में कितने जुझारू , कर्मठ ,योग्य होने की डिग्री रखने वाले लोग हैं । हालांकि मैंने बहुत से त्रिगुण वाले प्रत्याशी देखे से देखे । कुछ लोगों ने बताया कि दूर से देखना देखना नहीं होता । पास से देखों तो आदमी की खसलत पता चलती है
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