बुधवार, 17 सितंबर 2014

सुबह सवेरे राजपथ पर एक कुत्ता मारा पाया गया । कुत्ते पहले भी मरते रहे हैं और यह कुत्ता भी अपने पूर्वजों की तरह कुत्ते की ही मौत मरा था  और इसका विपक्षी दलों पर रैवीजीय प्रभाव पड़ा । एक हाथी सवार नेता आये । उन्होंने कुत्ते के शव को प्रणाम किया । तभी उनके चमचों ने हाथी के पीछे चल रहे एक हथठेले पर से एक उतारी उसे कुत्ते के शव के पास खड़ा  करदिया। नेताजी उसपर खड़े हो गए । तभी जादू की तरह उह्के हाथ। में माइकआ  गया ।   

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