शनिवार, 23 जनवरी 2016

नाजिम जी भारत में पैदा होने वाले सभी भारत के ही बेटे हैं । मेनन भी और दाऊद भी । यही की मिट्टी में लोट कर बड़े हुए और यहीं का अन्न खा कर पुष्ट हुए लेकिन इन्हीने भारत की पीठ पर चुरा मारा तो क्या इनकी आरती गाई जायेगी। भारतीय परम्परा हैं की मौत के बाद  उसकी बुराइयों को नहीं अच्छाइयों को याद किया जाता है  वही मोदी ने किया । इससे आप के आराध्य  वेमुला आतंकवादियों का समर्थन करने का पाप धूल नहीं जाता मियांजी । और भाईजी यह भी बताना जब मुस्लिमों का  ध्रुवीकरण किया जाता है तब आप को एतराज नहीं होता और जब हिन्दुओं का धुर्वीकरण होता है तब आप को बहुत तकलीफ होती है । वैसे कुरैशी भाई मालदा व पूर्णिया की घटनाओं के बारे में , वहां के जदयू मुस्लिम नेता द्वारा खड़े हो कर दंगा भड़काने के बारे में भी कुछ  कहिये ।  बताइये की इस पर आप के समूचे समर्थकों की चुप्पी के कौन सा गलापन है दोगला या तेगलापन  । भाजपा मजहब के नाम पर  देश नहीं तोड़ती मियाँ जी , कश्मीर को वर्ग विशेष की कत्लगाह नहीं बनाती । 

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